उच्च शिक्षा में सबसे बड़े बदलाव लागू होने की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया (HECI) बिल को मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक और संरचनात्मक बदलाव माना जा रहा है।
सरकार का दावा है कि HECI Bill लागू होने के बाद भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली एकीकृत, पारदर्शी और गुणवत्ता-केंद्रित होगी।
क्या है HECI Bill?
HECI Bill के तहत उच्च शिक्षा से जुड़े सभी प्रमुख नियामक संस्थानों को हटाकर एक सशक्त केंद्रीय आयोग बनाया जाएगा, जो विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए एक समान नियम लागू करेगा।
इस बिल के आने के बाद:
UGC
AICTE
NCTE
जैसी संस्थाओं की भूमिका समाप्त या सीमित हो जाएगी।
(मेडिकल और लॉ शिक्षा इस बिल के दायरे से बाहर रहेंगी।)
HECI का नया ढांचा: ये होंगे 4 बड़े स्तंभ
HECI को चार स्वतंत्र लेकिन आपस में जुड़े भागों में बांटा गया है:
1. NHERC – कॉलेज और यूनिवर्सिटी की मान्यता व निगरानी
2. GEC – पाठ्यक्रम और लर्निंग आउटकम तय करेगा
3. HEGC – फंडिंग और ग्रांट वितरण
4. NAC – संस्थानों की ग्रेडिंग और एक्रिडिटेशन
मोदी सरकार का दावा
सरकार के मुताबिक HECI Bill से उच्च शिक्षा में भ्रष्टाचार और दोहराव खत्म होगा, छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा मिलेगी, निजी और सरकारी संस्थानों के लिए एक समान नियम होंगे, डिजिटल, ऑनलाइन और मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा।
राज्यों की भूमिका पर बहस
हालांकि, इस बिल को लेकर कुछ राज्यों ने चिंता जताई है कि इससे शिक्षा पर केंद्र का नियंत्रण बढ़ेगा।
वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि राज्यों से सलाह-मशविरा जारी रहेगा और संघीय ढांचे से समझौता नहीं होगा।
संसद में कब आएगा बिल?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब HECI Bill को संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। पास होते ही इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
क्यों है यह फैसला अहम?
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम भारत को वैश्विक शिक्षा हब बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है और इसका असर आने वाले वर्षों में करोड़ों छात्रों और शिक्षकों पर पड़ेगा।
