उत्तराखंड के सैन्य परिवारों और पूर्व सैनिकों के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ईसीएचएस (ECHS) पॉलीक्लिनिक देहरादून ने दवाओं की घर-घर आपूर्ति (Home Delivery) सेवा शुरू की है। राज्य में अपनी तरह की यह पहली सुविधा विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और ‘व्हाइट कार्ड’ धारकों के लिए वरदान साबित होगी।

ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक (टाइप ‘A’) देहरादून ने अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए नॉन-अवेलेबिलिटी (NA) और एएलसी (ALC) दवाओं की होम डिलीवरी शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य उन बुजुर्ग पूर्व सैनिकों की मदद करना है, जिन्हें स्वास्थ्य कारणों या बढ़ती उम्र की वजह से पॉलीक्लिनिक तक आने में कठिनाई होती है।
सफलतापूर्वक हुई पहली डिलीवरी
इस योजना के तहत हाल ही में दो प्रमुख लाभार्थियों को उनके घर पर दवाएं पहुंचाई गईं:
11 फरवरी 2026 को गढ़ी कैंट निवासी 91 वर्षीय मानद सूबेदार मेजर प्रेम चंद ठाकुर को दवाएं सौंपी गईं।
13 फरवरी 2026 को रायपुर के रंज्हावाला निवासी 76 वर्षीय मानद कैप्टन सुरेंद्र सिंह छेत्री को उनके निवास पर सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई।
1.49 लाख लाभार्थियों का भरोसा
देहरादून स्थित यह पॉलीक्लिनिक न केवल देहरादून, बल्कि उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और पौड़ी जैसे पहाड़ी जनपदों के पूर्व सैनिकों की जीवनरेखा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
कुल निर्भर लाभार्थी: 1,49,052 (जिसमें 51,912 प्राथमिक और 97,140 आश्रित शामिल हैं)।
औसत मरीज: हर महीने लगभग 850 से 950 मरीज यहाँ उपचार के लिए आते हैं।
पड़ोसी राज्यों का सहारा: हिमाचल और उत्तर प्रदेश के लाभार्थी भी यहाँ की बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाते हैं।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता
2004 में स्थापित यह केंद्र अब अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। होम डिलीवरी की यह सेवा सेना की अपने सेवानिवृत्त योद्धाओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।
