ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के 13वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने युवाओं को सफलता के मंत्र दिए। समारोह में 3691 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां और 57 को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी का 13वां दीक्षांत समारोह बेहद भव्य और गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने युवाओं को संबोधित किया।

केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को जीवन में लगातार आगे बढ़ने का मंत्र देते हुए कहा, “बदलती दुनिया में वही व्यक्ति आगे बढ़ता है, जो सीखने की प्रक्रिया को कभी नहीं रोकता। खुद को अपडेट करना कभी नहीं भूलना चाहिए। जीवन में सीखने की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती, बल्कि हर नया पड़ाव नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।”
21वीं सदी भारत की, युवाओं के दम पर बढ़ेगा देश
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। चंद्रयान से लेकर डिजिटल इंडिया तक, देश ने विज्ञान और तकनीक में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने युवाओं से विनम्र बने रहने, कठिनाइयों का सामना करने और माता-पिता व शिक्षकों के योगदान को हमेशा याद रखने का आह्वान किया।
उन्होंने ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन डा. कमल घनशाला के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने साधारण शुरुआत से ग्राफिक एरा को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाई है। आज यह संस्थान एआई (AI), आईओएस (iOS) सेंटर और अत्याधुनिक शोध सुविधाओं से लैस होकर भविष्य निर्माण का केंद्र बन चुका है।

डा. आर. सी. घनशाला को ‘डी.लिट्’ की मानद उपाधि
उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की कड़ी बताया। इस अवसर पर ग्राफिक एरा ग्रुप के मुख्य संरक्षक डा. आर. सी. घनशाला को समाजसेवा, जैविक खेती, डेयरी विकास तथा सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ (D.Litt.) की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया।

नौकरी खोजने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें: डा. कमल घनशाला
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला ने छात्र-छात्राओं से सीमित सोच से ऊपर उठकर बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। उन्होंने कहा, ”युवा केवल रोजगार खोजने वाले न बनें, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार सृजित करने का संकल्प लें। सर्विस सेक्टर के बाद अब हमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी नई क्रांति लाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करनी होगी।”
उन्होंने युवाओं को शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और संस्कारों से जुड़े रहने की सलाह दी।
NIRF रैंकिंग में 48वां स्थान और ₹61.63 लाख का उच्चतम पैकेज
विश्वविद्यालय के चांसलर व नीति आयोग के सदस्य डा. वी. के. सारस्वत ने दीक्षांत समारोह के श्रीगणेश की घोषणा की। कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की शानदार उपलब्धियों को साझा किया। विवि का राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग (NIRF 2025) में देश भर में 48वां स्थान है। इस वर्ष छात्रों को 61.63 लाख रुपये तक का उच्चतम पैकेज प्राप्त हुआ है। छात्र गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों में चयनित हुए हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान ने 1.5 लाख से अधिक साइटेशन और 2,982 पेटेंट दर्ज किए हैं।

57 को मिला गोल्ड मेडल, 3691 को मिली डिग्रियां
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2025 बैच के कुल 3691 छात्र-छात्राओं को स्नातक (Graduate) से लेकर पीएचडी (PhD) तक की उपाधियां प्रदान की गईं। इसमें 917 पोस्ट ग्रेजुएट और 2740 ग्रेजुएट छात्र शामिल रहे।
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श्रेणी (Category) |
कुल संख्या (Total Count) |
|---|---|
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कुल उपाधियां (Degrees) |
3,691 |
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पीएचडी (PhD) |
34 |
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स्वर्ण पदक (Gold Medal) |
57 |
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रजत पदक (Silver Medal) |
58 |
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कांस्य पदक (Bronze Medal) |
55 |
प्रमुख पदक विजेता और शोधार्थी:
पीएचडी धारक: रुचिरा रावत, आदित्य जोशी, भवनेश कुमार, आकाशदीप नेगी, अदिति मोहन, पूजा भटनागर, सागर भट्ट, कार्तिकेय रैना आदि।
गोल्ड मेडलिस्ट: कार्तिकेय बर्थवाल, वंदना पाठक, ऋत्विक बहुगुणा, अनुकृति शर्मा, अदिति यादव, सहज गुल, कशिश यादव, आस्था शाह, अनुष्का लखेड़ा समेत 57 छात्र।
सिल्वर मेडलिस्ट: प्रदीप रावत, अक्षत भट्ट, आकृति शर्मा, अक्षय सैनी, आंशिक बहुखंडी, जिज्ञासा खन्ना, फिज़ा फातिमा, पूर्वा सक्सेना समेत 58 छात्र।
समारोह की शुरुआत एक भव्य अकादमिक शोभायात्रा से हुई, जिसमें ग्राफिक एरा एजुकेशनल सोसाइटी की चेयरपर्सन लक्ष्मी घनशाला, वाइस चेयरपर्सन डा. राखी घनशाला, प्रो चांसलर डा. राकेश कुमार शर्मा, ब्रह्मोस के पूर्व सीईओ डा. सुधीर मिश्रा, यूकोस्ट के महानिदेशक डा. दुर्गेश पंत सहित कई गणमान्य शिक्षक और पदाधिकारी मौजूद रहे।
